- FY26 में AI प्रोग्राम्स में दाखिला लेने वालों में 66% प्रोफेशनल्स गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से थे। इनमें से 64% के पास 12 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव था।
- कंपनी ने अपने अधिकांश प्रोग्राम्स, जैसे Data Science, Machine Learning, GenAI और Agentic AI में No-Code / Low-Code लर्निंग ट्रैक्स शुरू किए हैं।
नई दिल्ली , 11 मई 2026 — उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए अग्रणी वैश्विक एड-टेक कंपनी Great Learning ने खुलासा किया कि FY26 में उसके AI प्रोग्राम्स में दाखिला लेने वालों में 66% प्रोफेशनल्स गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से थे। यह भारत के अपस्किलिंग परिदृश्य में हो रहे बदलाव को दर्शाता है, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स AI-आधारित कार्यस्थलों में प्रासंगिक बने रहने के लिए No-Code AI टूल्स अपना रहे हैं, ताकि वे अपनी उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ा सकें।
इस बढ़ती मांग को मुख्य रूप से अनुभवी प्रोफेशनल्स आगे बढ़ा रहे हैं। गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले कुल एनरोलमेंट्स में से लगभग 64% ऐसे प्रोफेशनल्स थे जिनके पास 12 वर्षों से अधिक का अनुभव था। इनमें BFSI, हेल्थकेयर और फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, एजुकेशन और रिसर्च, FMCG और रिटेल जैसे क्षेत्रों के वरिष्ठ लीडर्स, फंक्शनल और बिजनेस हेड्स शामिल हैं।
मार्केटिंग, HR, फाइनेंस, ऑपरेशंस, प्रोडक्ट और सेल्स जैसे विभागों के प्रोफेशनल्स यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि AI-आधारित ऑटोमेशन किस तरह वर्कफ्लो को आसान बना सकता है, ऑपरेशनल खर्च कम कर सकता है, निर्णय लेने की गति बढ़ा सकता है और बेहतर बिजनेस परिणाम दे सकता है। जैसे-जैसे AI मुख्यधारा में शामिल हो रहा है और बिजनेस ऑपरेशंस का अहम हिस्सा बनता जा रहा है, वैसे-वैसे AI पहल को प्रयोगों से आगे बढ़ाकर बड़े स्तर पर लागू करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण लीडरशिप स्किल बनती जा रही है।
यह ट्रेंड भारतीय कार्यस्थलों में हो रहे व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है। Microsoft के Work Trend Index 2026 के अनुसार, AI उपयोग करने वाले 65% लोगों को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कार्यस्थल पर AI इस्तेमाल करने का दबाव महसूस होता है। इससे स्पष्ट है कि AI की समझ अब विभिन्न भूमिकाओं, विभागों और उद्योगों में एक मुख्य प्रोफेशनल अपेक्षा बनती जा रही है।
इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, Great Learning ने अपने अधिकांश प्रोग्राम्स में No-Code लर्निंग ट्रैक्स शुरू किए हैं। अब विद्यार्थी एक ही प्रोग्राम में Coding Track या No-Code Track में से चुन सकते हैं। AI क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण प्रोफेशनल्स लंबे समय वाले कोर्स में निवेश करने को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। इसलिए, ग्रेट लर्निंग के अधिकांश नए AI प्रोग्राम्स को तीन से पाँच महीने की अवधि में डिजाइन किया गया है।