अपोलो हॉस्पिटल, इंदौर का रीनल डेनर्वेशन थेरेपी के लिए मेडट्रॉनिक के साथ कोलैब्रेशन

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इंदौर, 17 अप्रैल, 2025: इंदौर के लीडिंग हेल्थ केयर प्रोवाइडर अपोलो अस्पताल ने रीनल डेनेर्वेशन थेरेपी के लिए स्पेशल सेंटर बनाने के लिए मेडिकल टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर मेडट्रॉनिक इंडिया के साथ पार्टनरशिप की है। एमओयू साइन के साथ शुरू हुई इस पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर वाले पेशेंट के लिए ट्रीटमेंट के ऑप्शन में सुधार करना है, जिससे की उनके ओवरऑल हेल्थ में बेहतर परिणाम देखने को मिले।

मेडट्रॉनिक और अपोलो हॉस्पिटल इंदौर की इस पहल का लक्ष्य इंदौर के हेल्थ केयर प्रोफेशनल की रीनल डेनेर्वेशन थेरेपी में एक्सपर्टीज को बढ़ाना है। इस प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग सेशन और वर्कशॉप के आयोजनों से मेडिकल टीम को हाई ब्लड प्रेशर के प्रभावी मैनेजमेंट और ट्रीटमेंट के लिए दवाओं के इस्तेमाल के अलावा अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे में अपडेट रखना है। इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थान कम्युनिटी एजुकेशन, पेशेंट और देखभाल करने वालों के बीच हाई ब्लड प्रेशर को लेकर अवेयरनेस लाने, इसके ट्रीटमेंट ऑप्शन और बेहतर हेल्थ मैनेजमेंट के लिए स्ट्रेटजी बनाने के लिए भी काम करेंगे।

इस कोलैब्रेशन पर बोलते हुए मेडट्रॉनिक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और वाइस प्रेसिडेंट मंदीप सिंह कुमार ने कहा, ” हाई ब्लड प्रेशर भारत में एक प्रमुख पब्लिक हेल्थ चैलेंज बना हुआ है और यह स्ट्रोक और कोरोनरी हार्ट डिजीज से होने वाली मौतों का महत्वपूर्ण कारण होता है। हम हाइपरटेंशन केयर के क्षेत्र में इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित सॉल्यूशन लाने के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ पार्टनरशिप करके बेहद खुश हैं। रीनल डेनर्वेशन थेरेपी रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन के ट्रीटमेंट में एक बेहद महत्वपूर्ण एडवांसमेंट है, और इस कोलैब्रेशन के माध्यम से, हमारा लक्ष्य एडवांस ट्रेनिंग और रिसोर्स के साथ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को सशक्त बनाना है। इस कोलैब्रेशन के तहत साथ मिलकर काम करके, हम पेशेंट के परिणामों को बेहतर बनाने और इस कॉम्प्लेक्स कंडीशन के मैनेजमेंट में नए स्टैण्डर्ड सेट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर की सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और डायरेक्टर कैथ लैब डॉ. सरिता राव ने कहा कि, “हम मानते हैं कि अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर हमारे समय की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। एडवांस ट्रेनिंग मॉड्यूल और अत्याधुनिक पेशेंट एजुकेशन टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन के माध्यम से, हम ज्यादा इफेक्टिव और सस्टेनेबल सॉल्यूशन समाधान देने के लिए तैयार हैं।

मेडट्रॉनिक के साथ यह कोलैब्रेशन पेशेंट की कंडीशन को मैनेज करने की हमारी स्ट्रेटजी को बेहतर बनाने की चल रही यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इनोवेटिव ट्रीटमेंट अप्रोच का लाभ उठाकर, हमारा लक्ष्य पेशेंट के रिजल्ट में सार्थक सुधार लाना और पेशेंट और उनकी केयर करने वालों दोनों के लिए देखभाल की ओवरऑल क्वालिटी को बढ़ाना है।”

अपोलो हॉस्पिटल इंदौर के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. रोशन राव ने कहा कि दुनिया भर में 30-79 वर्ष की आयु के लगभग 1 बिलियन वयस्कों को हाई ब्ल्ड प्रेशर है। इनमें से केवल 54% का डायग्नोस किया जाता है, 42% का ट्रीटमेंट किया जाता है, और केवल 20% का हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है। इसलिए जागरूकता बढ़ाना और हाई ब्लड प्रेशर के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए कदम उठाना बहुत महत्वपूर्ण है। हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर लेकिन मैनेजेबल कंडीशन है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर भारत में इस्केमिक हार्ट डिजीज और स्ट्रोक हर साल 1.6 मिलियन लोगों की मौत का कारण बनता है। हालांकि, प्रोएक्टिव कदम उठाकर, व्यक्ति हेल्दी लाइफ जी सकते हैं और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े दीर्घकालिक जोखिमों को कम कर सकते हैं।

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