आइकॉनिक व्हाइट व्हिस्की ने रचा इतिहास: 10 मिलियन केस पार कर बनी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली स्पिरिट्स ब्रांड

लगातार बढ़त के साथ ‘प्रेस्टीज एंड एबव’ (प्रीमियम) सेगमेंट में ABD की पकड़ और मजबूत हुई…

इन-बिल्ट स्टेबलाइज़र” एक भ्रम है: जानें भारत में स्मार्ट टीवी को आज भी बाहरी सुरक्षा की ज़रूरत क्यों है

भारत, 3 मार्च 2026: स्मार्ट टीवी खरीदते समय “इन-बिल्ट स्टेबलाइज़र” आजकल एक बड़ा सेलिंग पॉइंट (बिक्री…

माइक्रोन टेक्नोलोजी ने मनाया भारत की पहली सेमीकंडक्टर असेम्बली और टेस्ट सुविधा के उद्घाटन का उत्सव

गुजरात के साणंद में  स्थित अत्याधुनिक केन्द्र माइक्रोन को वैश्विक विस्तार देने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को नई दिशा देगा साणंद, भारत, 28 फरवरी 2026 — माइक्रोन टेक्नोलोजी. इन्क. (NASDAQ: MU)  ने आज गुजरात के साणंद में अपनी सेमीकंडक्टर असेम्बली और टेस्ट सुविधा का भव्य उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक केंद्र माइक्रॉन के ग्लोबल मेन्युफेक्चरिंग नेटवर्क से प्राप्त एडवान्स्ड DRAM और NAND वेफर्स को फिनिश्ड मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट्स में परिवर्तित करेगा। पूर्ण क्षमता पर शुरू होने के बाद, साणंद स्थित इस इकाई के पहले चरण में 5 लाख वर्ग फुट से अधिक का क्लीनरूम क्षेत्र होगा, जो विश्व के सबसे बड़े सिंगल-फ्लोर असेम्बली और टेस्ट क्लीनरूम में से एक बनेगा। यह केंद्र पूरे विश्व के ग्राहकों में AI के कारण बढ़ती मेमोरी एवं स्टोरेज की मांग को पूरा करने में समक्ष होगा। यह परियोजना माइक्रोन और उसके सरकारी पार्टनर्स द्वारा लगभग 2.75 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश का फल है, जो भारत की सेमीकंडक्टर मेन्युफेक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करेगा। इस उद्घाटन समारोह में माइक्रोन के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और सीईओ संजय मेहरोत्रा के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आइटी मंत्री अश्विनि वैष्णव, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। माइक्रोन के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और सीईओ संजय मेहरोत्रा ने कहा, “आज माइक्रोन और भारत के उभरते सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए यह गर्व का क्षण है।”मेहरोत्रा ने यह भी बताया कि, “यह देश की अपनी तरह की पहली असेम्बली और टेस्ट सुविधा है, जो ग्लोबल AI इकोनोमी को आगे बढ़ाने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगी। हम भारत सरकार, गुजरात सरकार तथा हमारे सभी पार्टर्नस के प्रति अनुग्रहित है कि जिनके पूर्ण सहयोग से इस सफलता को प्राप्त किया जा सका.” यह साणंद इकाई ISO 9001:2015 सर्टिफाइड है और इसने व्यावसायिक उत्पादन शुरू भी कर दिया है। उद्घाटन के अवसर पर माइक्रॉन ने भारत में निर्मित अपने पहले मेमोरी मॉड्यूल की खेप डेल टेक्नोलोजिस को सौंपी, जिसका भारत में भारत के लिए बनाए जा रहे लैपटॉप में उपयोग किया जायेगा। माइक्रोन को उम्मीद है कि वर्ष 2026 में साणंद इकाई में करोड़ों चिप्स का असेम्बली और टेस्ट किया जाएगा, जो 2027 में बढ़कर सैकड़ों करोड़ तक पहुंच जाएगा। भारत में इस सुविधा का विस्तार माइक्रोन की युनाइटेड स्टेट्स स्थित एडवान्स्ड मेन्युफेक्चरिंग तथा पेकेजिंग क्षमताओं का पूरक बनने के साथ कंपनी के ग्लोबल एसेम्बली तथा टेस्ट नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाता है।  केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “साणंद में माइक्रोन की सेमीकंडक्टर सुविधा की शुरुआत भारत के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन की ऐतिहासिक शुरुआत है। यह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एक निर्णायक कदम है जिससे विश्वसनीय, सतत व आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण होगा।  भारत अब केवल चिप्स का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर मेन्युफेक्चरिंग और इनोवेशन का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।” माइक्रोन भारत में नेक्स्ट जनरेशन सेमीकंडक्टर टेलेन्ट तैयार करने पर भी कार्य कर रहा है। पंडित दीनदयाल एनर्जी युनिवर्सिटी (PDEU), नेमटेक तथा  देशभर के विश्वविद्यालयों और सरकारी कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ साझेदारी के माध्यम से माइक्रोन पूरे क्षेत्र में STEM शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और एडवान्स्ड मेन्युफेक्चरिंग तथा कोम्युनिटी इनशियेटिव्स हेतु वर्कफोर्स  तैयार किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल तथा AI साक्षरता का भी समावेश किया गया है। यह सुविधा माइक्रॉन के सस्टेनेबल लक्ष्यों, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों और स्थानीय तथा वैश्विक पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप निर्मित करने के साथ चलाई भी जा रही है। इस साइट को लीडरशिप इन एनर्जी एन्ड एन्वायरोमेन्टल डिज़ाइन(LEED) गोल्ड मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है तथा इसमें एडवान्स जल संरक्षण तकनीकों के माध्यम से ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्जप्रणाली लागू की गई है।

अब इंश्योरेंस खरीदना और रिन्यू करना हुआ और भी आसान: बस एक वॉट्सऐप मेसेज की दूरी पर!

बीमा (Insurance) मैनेज करने की झंझटों को अब अलविदा कहिए—कागजी कार्रवाई, बार-बार फोन करना और अलग-अलग पोर्टल्स पर लॉग-इन करने के दिन अब लद गए। भारत में करोड़ों लोग जिस वॉट्सऐप (WhatsApp) का इस्तेमाल अपनों से जुड़ने के लिए करते हैं, वही अब आपकी बीमा जरूरतों का केंद्र बन गया है। पॉलिसी खरीदने और प्रीमियम भरने से लेकर क्लेम ट्रैक करने तक, अब सब कुछ उतना ही आसान है जितना किसी दोस्त से चैट करना। आप अपनी पसंद के हिसाब से UPI, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान भी कर सकते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख बीमा कंपनियां हैं जिन्होंने आपकी सुविधा के लिए वॉट्सऐप पर सेवाएं शुरू की हैं: 1. एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (HDFC Life Insurance) वॉट्सऐप नंबर: +91 8291890569 HDFC लाइफ आपको एक ही चैट थ्रेड के भीतर नई पॉलिसी खरीदने, प्रीमियम भरने या क्लेम शुरू करने की सुविधा देता है। इसके अलावा, आप अपनी पॉलिसी की जानकारी देख सकते हैं, पर्सनल डिटेल्स अपडेट कर सकते हैं और जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी डाउनलोड कर सकते हैं। 2. एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस (Axis Max Life Insurance) वॉट्सऐप नंबर: +91 74283 96005 एक्सिस मैक्स लाइफ के साथ आप टर्म इंश्योरेंस या इन्वेस्टमेंट प्लान सीधे वॉट्सऐप पर मैनेज कर सकते हैं। आप अपने टैक्स सेविंग्स कैलकुलेट कर सकते हैं, अपने एप्लिकेशन का स्टेटस देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर नजदीकी ब्रांच का पता भी लगा सकते हैं।…

टाटा मोटर्स ने वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी के साथ किया समझौता; 40 ग्रीन हाइड्रोजन-पावर्ड हैवी-ड्यूटी ट्रकों की होगी तैनाती

27 फरवरी 2026: देश के नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर एक अहम कदम बढ़ाते हुए, भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी, टाटा मोटर्स ने तूतीकोरिन (तमिलनाडु) के वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत पोर्ट पर 40 ग्रीन हाइड्रोजन इंटरनल कम्बशन इंजन (H2 ICE) से चलने वाले हैवी-ड्यूटी प्राइम मूवर्स तैनात किए जाएंगे। MoU पर माननीय केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज़ मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में साइन किए गए। समझौते के अनुसार, टाटा मोटर्स सबसे पहले एक हाइड्रोजन-पावर्ड प्राइम मूवर का ट्रायल शुरू करेगी, जिसके बाद अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 40 H2 ICE प्राइम मूवर्स तैनात किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की फंडिंग बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा की जाएगी, जो ग्रीन एनर्जी अपनाने और एक टिकाऊ व ‘फ्यूचर-रेडी’ समुद्री इकोसिस्टम बनाने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पार्टनरशिप पर अपने विचार शेयर करते हुए, श्री सुसांता कुमार पुरोहित, IRSEE, चेयरपर्सन, VOCPA, ने कहा, “टाटा मोटर्स के साथ हमारी पार्टनरशिप VOC पोर्ट के नेट-ज़ीरो एमिशन हासिल करने की कोशिश में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों के आने से हमारे कार्गो हैंडलिंग ऑपरेशन काफ़ी हद तक डीकार्बनाइज़ होंगे, साथ ही भारत में सस्टेनेबल पोर्ट-लेड लॉजिस्टिक्स के लिए एक बेंचमार्क सेट होगा। इन ग्रीन हाइड्रोजन ट्रकों को धीरे-धीरे शामिल करने में मदद करने के लिए, पोर्ट 2 MW का इलेक्ट्रोलाइज़र और एक खास हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट ग्रीन फ्यूल से जुड़ी कई दूसरी कोशिशों के साथ मिलकर एक मज़बूत ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम बनाने और VOC पोर्ट को सस्टेनेबल मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर में लीडर बनाने के हमारे कमिटमेंट को और मज़बूत करता है।” MoU की घोषणा पर बोलते हुए, टाटा मोटर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट और बिज़नेस हेड – ट्रक्स, श्री राजेश कौल ने कहा, “वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटीज़ के साथ हमारा कोलेबोरेशन हाइड्रोजन से चलने वाले हेवी-ड्यूटी ट्रकिंग को असल दुनिया के पोर्ट ऑपरेशन्स में लाने में एक अहम मील का पत्थर है। पिछले कई महीनों में, हमने कार्गो हैंडलिंग एप्लीकेशन्स में हाइड्रोजन ट्रक्स के लिए रास्तों का पता लगाने के लिए पोर्ट अथॉरिटीज़ के साथ मिलकर काम किया है। यह पायलट TCO पैरिटी का पता लगाने और ग्रीन हाइड्रोजन के साथ भारत के पोर्ट्स को ज़्यादा साफ़ और सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस की ओर बदलने में मदद करने की क्षमता दिखाने में मदद करेगा।” इस प्रोजेक्ट के लिए गाड़ियों के बेड़े में टाटा मोटर्स प्राइमा 55-टन प्राइम मूवर शामिल है, जिसे टिकाऊ, लागत प्रभावी और हाई-परफॉर्मेंस ट्रांसपोर्टेशन के लिए तैयार किया गया है। प्रीमियम ‘प्राइमा केबिन’ और उन्नत ‘ड्राइवर-असिस्ट’ सुरक्षा फीचर्स से लैस ये ट्रक ड्राइवर की सुविधा को बढ़ाते हैं, उनकी थकान कम करते हैं और प्रोडक्टिविटी में सुधार करते हैं, साथ ही सुरक्षा के नए मानक भी स्थापित करते हैं। टाटा मोटर्स बैटरी इलेक्ट्रिक, सीएनजी, एलएनजी, हाइड्रोजन इंटरनल कम्बशन और हाइड्रोजन फ्यूल सेल जैसी वैकल्पिक ईंधन तकनीकों पर आधारित नए मोबिलिटी समाधान विकसित करने में सबसे आगे है। कंपनी छोटे कमर्शियल वाहनों, ट्रकों, बसों और वैन सहित विभिन्न सेगमेंट में वैकल्पिक ईंधन से चलने

वी-गार्ड: तीसरी तिमाही में राजस्व 10.6% बढ़ा, अंडरलाइंग मुनाफे में 22.3% की मजबूती

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की अग्रणी कंपनी, वी-गार्ड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही की मुख्य बातें: कारोबारी परिदृश्य: कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए वी-गार्ड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मिथुन के. चिट्टिलाप्पिली ने कहा, “तीसरी तिमाही में व्यवसाय ने दोहरे अंकों (डबल डिजिट) में ग्रोथ दर्ज की है। इसमें मुख्य भूमिका इलेक्ट्रिकल सेगमेंट की रही, जहाँ वॉल्यूम में अच्छी बढ़त देखी गई। साथ ही, कच्चे माल की कीमतों में आई बढ़ोतरी का असर भी दिखा। श्रम मंत्रालय द्वारा जारी ‘नई श्रम संहिता’ की अधिसूचना को देखते हुए, कंपनी ने कर्मचारियों के लाभ से जुड़ी अपनी देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन किया है। इसके फलस्वरूप, इस तिमाही के लिए 22.11 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को ‘असाधारण मद’ के रूप में दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर हमारे मार्जिन स्थिर बने हुए हैं और हमें उम्मीद है कि आगामी गर्मियों के मौसम में हम और भी मजबूत परिणाम देंगे।” * अंडरलाइंग कर पश्‍चात लाभ (पीएटी) की गणना नई श्रम संहिता के एक बार के प्रभाव को छोड़कर की गई है

सैमसंग ने सैमसंग हेल्‍थ ऐप पर ‘फिट इंडिया वॉक-ए-थॉन 26’ की घोषणा की

गुरुग्राम, भारत | 22 जनवरी, 2026: भारत के अग्रणी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने आज सैमसंग…

पहले कोक स्‍टूडियो भारत लाइव की दिल्‍ली और गुवाहाटी में शुरुआत

16 जनवरी, 2025: कोका-कोला ने भारत की सांस्कृतिक यात्रा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए पहले कोक स्टूडियो भारत…

सम्पर्क फाउंडेशन ने स्मार्ट स्कूलों और एआई आधारित गवर्नेंस केविस्तार के लिए 25 करोड़ रूपये का निवेश किया

13 जनवरी, 2026: सम्पर्क फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, झारखंड, हिमाचलप्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़…

सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उत्तर प्रदेश में 1,750 युवाओं को फ्यूचर-टेक स्किल्स में सर्टिफ़िकेट दिया

भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर, अपने प्रमुख सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) प्रोग्राम के तहत उत्तर प्रदेश में 1,750 छात्रों को सर्टिफ़िकेट देने की घोषणा की, जो राज्य में कंपनी के युवा-कौशल प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सर्टिफ़िकेशन समारोह लखनऊ के सिटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार की माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, साथ ही शैक्षणिक नेताओं और कार्यक्रम भागीदारों की उपस्थिति थी। इस बैच के साथ, उत्तर प्रदेश में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत प्रशिक्षित छात्रों की कुल संख्या 3,900 हो गई है, जिससे यह कार्यक्रम के तहत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले राज्यों में से एक बन गया है। सैमसंग ने उत्तर प्रदेश में 5,000 युवाओं को कुशल बनाने के अपने इरादे की घोषणा की, जो 20,000 छात्रों को अपस्किल करने के अपने व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य का हिस्सा है, जो पिछले साल की तुलना में छह गुना ज़्यादा है। यह कार्यक्रम वर्तमान में 10 राज्यों में चल रहा है। लखनऊ पहल के तहत, छात्रों को उभरती हुई टेक्नोलॉजी में इंडस्ट्री के हिसाब से ट्रेनिंग मिली, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (950 छात्र), कोडिंग और प्रोग्रामिंग (550 छात्र), बिग डेटा (150 छात्र), और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (100 छात्र) शामिल हैं। सैमसंग में, हमारा पक्का मानना​​है कि भारत का भविष्य उसके युवाओं द्वारा तय किया जाएगा। सैमसंग इनोवेशन कैंपस को AI, IoT, या बिग डेटा और कोडिंग जैसे फ्यूचर-टेक कोर्स में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग देकर शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच के गैप को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लखनऊ में 1,750 छात्रों का सर्टिफिकेशन भारत सरकार के स्किलिंग विज़न को सपोर्ट करने और उत्तर प्रदेश के युवा स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री से जुड़ी क्षमताओं के साथ सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस हमारा फ्लैगशिप प्रोग्राम है जिसे अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने और उन्हें चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए जॉब-रेडी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है”, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया में CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के हेड शुभम मुखर्जी ने कहा। “जैसे-जैसे उच्च शिक्षा विकसित हो रही है, यह ज़रूरी है कि सीखने के परिणाम उभरती हुई आर्थिक और तकनीकी ज़रूरतों के साथ जुड़े रहें। सैमसंग इनोवेशन कैंपस स्टूडेंट्स को एडवांस्ड डिजिटल विषयों और अनुभवात्मक शिक्षा से परिचित कराकर महत्वपूर्ण मूल्य जोड़ता है। इस तरह के सहयोग हमारे संस्थानों को मज़बूत करते हैं और उत्तर प्रदेश के लिए ज्ञान-आधारित, प्रतिस्पर्धी कार्यबल बनाने में मदद करते हैं। मैं हमारे युवाओं को सशक्त बनाने और भविष्य के लिए तैयार, कुशल कार्यबल बनाने के राज्य के विज़न को सपोर्ट करने के लिए सैमसंग की प्रतिबद्धता की सराहना करती हूँ। हमारे युवा उत्तर प्रदेश की प्रगति की नींव हैं और भारत की विकास गाथा के पीछे प्रेरक शक्ति हैं”, श्रीमती रजनी तिवारी, माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा। 2022 में भारत में लॉन्च किया गया, सैमसंग इनोवेशन कैंपस भविष्य की तकनीक की शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है, खासकर कम सेवा वाले और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) के सहयोग से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लागू किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर, कार्यक्रम में 44% महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है, जो समावेशी और समान स्किलिंग पर सैमसंग के फोकस को दिखाता है। तकनीकी प्रशिक्षण के अलावा, स्टूडेंट्स को कार्यस्थल की तैयारी में सुधार के लिए सॉफ्ट-स्किल्स इनपुट और प्लेसमेंट सहायता मिलती है। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो और सैमसंग DOST जैसी पहलों के साथ, सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत के डिजिटल स्किलिंग लक्ष्यों को मज़बूत करने और विस्तार करने के लिए कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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