5 March 2025, गुरुग्राम– द्वारका एक्सप्रेसवे भारत का सबसे तेजी से विकसित होता रियल एस्टेट कॉरिडोर बनकर उभरा है, जिसने वित्तीय वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में रिकॉर्ड 58% की सालाना वृद्धि दर्ज की है। CREDAI-Colliers-Liases Foras की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि देशभर के सभी प्रमुख शहरों और माइक्रो-मार्केट्स से अधिक रही, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे भारत में सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन गया है।
सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के फाउंडर एवं चेयरमैन श्री प्रदीप अग्रवाल ने कहा, “द्वारका एक्सप्रेसवे एनसीआर का सबसे गतिशील रियल एस्टेट कॉरिडोर बन चुका है, जो भारत के शहरी परिदृश्य में बड़े बदलाव का संकेत देता है। कीमतों में 58% की सालाना वृद्धि केवल इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को नहीं दर्शाती, बल्कि यह भी दिखाती है कि योजना बद्ध, आधारभूत संरचना से जुड़ी विकास परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, मेट्रो विस्तार और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों की नजदीकी के चलते यह कॉरिडोर निवेशकों और घर खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जैसे-जैसे भारत के शहर विस्तारित हो रहे हैं, ऐसे उच्च-विकास वाले क्षेत्र शहरी जीवन के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे, जो टिकाऊ, प्रीमियम और उच्च मूल्य वाले आवासीय विकल्प प्रदान करेंगे।”

कृष्णा ग्रुप और क्रिसुमी कॉरपोरेशन के चेयरमैन श्री अशोक कपूर ने कहा, “प्रीमियम और बेहतरीन डिज़ाइन वाले घरों की बढ़ती मांग, साथ ही निर्माण लागत में हो रही वृद्धि, ने कीमतों को ऊपर की ओर धकेला है। यह निरंतर प्रगति बाजार के आत्मविश्वास और आधुनिक, उच्च-स्तरीय जीवनशैली की ओर बढ़ती आकांक्षा को दर्शाती है। जैसे-जैसे घर खरीदार बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित समुदायों की तलाश कर रहे हैं, इस क्षेत्र का रियल एस्टेट बाज़ार लगातार फल-फूल रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर की प्रतिष्ठा एक प्रमुख आवासीय गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूत हो रही है।”
इस कीमत वृद्धि का सबसे बड़ा कारण इस क्षेत्र में हो रहा बेमिसाल आधारभूत ढांचा विकास है। द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरा होने, आगामी मेट्रो कनेक्टिविटी और बेहतर सड़क नेटवर्क के चलते इस क्षेत्र की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे खरीदारों की रुचि तेज़ी से बढ़ी है। लग्ज़री हाउसिंग सेगमेंट की मजबूत मांग ने भी इस वृद्धि को बढ़ावा दिया है, क्योंकि द्वारका एक्सप्रेसवे अब प्रीमियम और अल्ट्रा-लग्ज़री प्रोजेक्ट्स का केंद्र बन चुका है। घर खरीदार अब अत्याधुनिक सुविधाओं वाले आवासीय विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र लग्ज़री रियल एस्टेट का पसंदीदा गंतव्य बन गया है।
इसके अलावा, साइबर सिटी, उद्योग विहार और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों की नजदीकी भी इस क्षेत्र की लोकप्रियता को बढ़ा रही है। पेशेवरों और निवेशकों के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे एक बेहतरीन लोकेशन बन गया है, जो कनेक्टिविटी और उच्च जीवनशैली दोनों का लाभ देता है। इसके अलावा, निवेशकों का मजबूत आत्मविश्वास कीमतों में जबरदस्त वृद्धि और बिक्री की स्थिर गति में साफ झलकता है। बढ़ती एंड-यूज़र मांग और घटती अनसोल्ड इन्वेंट्री से संकेत मिलता है कि यह रियल एस्टेट निवेश के लिए एक अत्यंत स्थायी और आकर्षक बाज़ार बना रहेगा।
भारत के शीर्ष 8 शहरों में औसतन आवासीय संपत्तियों की कीमतें सालाना 10% बढ़कर 11,266 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं, जबकि दिल्ली-एनसीआर में यह वृद्धि 31% रही, जो पूरे देश में सबसे अधिक थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से द्वारका एक्सप्रेसवे पर ज़बरदस्त मांग के कारण हुई, जिसने इसे एनसीआर का सबसे उभरता हुआ रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बना दिया है।