नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2025: हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर मेडट्रॉनिक ने आज अपने पायनियरिंग मोबाइल सर्जी-स्किल लैब को लॉन्च करने की घोषणा की। यह एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म है जिसे भारत के कम सुविधा वाले टियर 2 शहरों में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (MIS) में ज़रूरी स्किल्स से लैस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पहल क्लिनिकल एक्सीलेंस को बढ़ावा देने और मेट्रो शहरों से बाहर सर्जिकल केयर स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने के लिए मेडट्रॉनिक की अटूट प्रतिबद्धता को दिखाती है।

मेडट्रॉनिक मोबाइल सर्जी-स्किल लैब मेडिकल एजुकेशन के लिए एक नया तरीका है, जो दुनिया की बेहतरीन ट्रेनिंग सीधे उन शहरों के हॉस्पिटल और क्लिनिक तक पहुंचाता है, जहां पहले स्पेशलाइज्ड सर्जिकल ट्रेनिंग मिलना मुश्किल था। अत्याधुनिक सिमुलेशन टेक्नोलॉजी और हैंड्स-ऑन लर्निंग मॉड्यूल से लैस, यह सर्जिकल रोविंग लैब एक मोबाइल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के तौर पर काम करेगा, जिससे सर्जन और हेल्थकेयर प्रोफेशनल अपनी क्लिनिकल जिम्मेदारियों को बिना डिस्टर्ब किए अपनी मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल स्किल्स को डेवलप और बेहतर बना सकेंगे।
मनदीप सिंह कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर और वाइस प्रेसिडेंट, मेडट्रॉनिक इंडिया ने कहा, “यह पहल भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के समान विकास के हमारे विजन को साकार करती है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के मेडिकल कॉलेजों के द्वार तक सर्जिकल ट्रेनिंग पहुँचाकर, हम एक दूरगामी प्रभाव पैदा कर रहे हैं। इससे न केवल सर्जिकल स्टैंडर्ड्स ऊपर उठेंगे और मरीजों के इलाज के नतीजे बेहतर होंगे, बल्कि उन क्षेत्रों का संपूर्ण हेल्थकेयर इकोसिस्टम भी मजबूत होगा जहाँ संसाधनों की कमी है।”

मोबाइल सर्जी-स्किल लैब की मुख्य विशेषताएँ:
इस लैब में अत्याधुनिक सिमुलेशन हैं जो रियलिस्टिक ट्रेनिंग मॉडल, वीडियो-असिस्टेड सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स और इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म से लैस हैं। इसका पूरा करिकुलम बेसिक और एडवांस्ड MIS तकनीकों को कवर करता है, और क्षेत्रीय हेल्थकेयर सुविधाओं की बदलती ज़रूरतों के हिसाब से खास ट्रेनिंग लैब प्रदान करता है। हर सेशन में हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस सेशन, एक्सपर्ट फैकल्टी से मेंटरशिप और लगातार स्किल डेवलपमेंट सुनिश्चित करने के लिए ट्रेनिंग के बाद सपोर्ट शामिल है।
कौशल के अंतर को मिटाना
विशेष सर्जिकल प्रशिक्षण की सुविधा लंबे समय से केवल महानगरों तक ही सीमित रही है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की नैदानिक क्षमताओं में काफी असमानता देखी गई है। यह मोबाइल सर्जी-स्किल लैब इस फासले को सीधे तौर पर खत्म करता है। यह सुनिश्चित करता है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे युवा सर्जनों और रेजिडेंट डॉक्टरों को भी उसी गुणवत्ता का प्रशिक्षण मिले, जो बड़े केंद्रों में उपलब्ध है। चिकित्सा शिक्षा का यह ‘लोकतंत्रीकरण’ सर्जिकल सुरक्षा को बढ़ाने, सर्जरी के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करने और क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों में न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों को अपनाने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा।
नैदानिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता
मनदीप सिंह कुमार ने जोर देते हुए कहा, “हमारा मानना है कि कौशल की उत्कृष्टता कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता है। मोबाइल ट्रेनिंग की यह पहल हमारी उस गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत हम हर स्वास्थ्य पेशेवर को—चाहे वे कहीं भी कार्यरत हों—उस ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाना चाहते हैं जो मरीजों की सर्वश्रेष्ठ देखभाल के लिए जरूरी है।”
कंपनी ने प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों और क्षेत्रीय मेडिकल एसोसिएशनों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है, ताकि यह मोबाइल सर्जी-स्किल लैब उन क्षेत्रों तक पहुँचे जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। शुरुआती रोडमैप के तहत अगले 12 महीनों में 10 टियर-2 शहरों को कवर किया जाएगा, और भविष्य में फीडबैक व मांग के आधार पर इसके विस्तार की योजना है।