माइक्रोन टेक्नोलोजी ने मनाया भारत की पहली सेमीकंडक्टर असेम्बली और टेस्ट सुविधा के उद्घाटन का उत्सव

News Service

गुजरात के साणंद में  स्थित अत्याधुनिक केन्द्र माइक्रोन को वैश्विक विस्तार देने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को नई दिशा देगा

साणंद, भारत, 28 फरवरी 2026 — माइक्रोन टेक्नोलोजी. इन्क. (NASDAQ: MU)  ने आज गुजरात के साणंद में अपनी सेमीकंडक्टर असेम्बली और टेस्ट सुविधा का भव्य उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक केंद्र माइक्रॉन के ग्लोबल मेन्युफेक्चरिंग नेटवर्क से प्राप्त एडवान्स्ड DRAM और NAND वेफर्स को फिनिश्ड मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट्स में परिवर्तित करेगा। पूर्ण क्षमता पर शुरू होने के बाद, साणंद स्थित इस इकाई के पहले चरण में 5 लाख वर्ग फुट से अधिक का क्लीनरूम क्षेत्र होगा, जो विश्व के सबसे बड़े सिंगल-फ्लोर असेम्बली और टेस्ट क्लीनरूम में से एक बनेगा। यह केंद्र पूरे विश्व के ग्राहकों में AI के कारण बढ़ती मेमोरी एवं स्टोरेज की मांग को पूरा करने में समक्ष होगा।

यह परियोजना माइक्रोन और उसके सरकारी पार्टनर्स द्वारा लगभग 2.75 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश का फल है, जो भारत की सेमीकंडक्टर मेन्युफेक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करेगा। इस उद्घाटन समारोह में माइक्रोन के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और सीईओ संजय मेहरोत्रा के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आइटी मंत्री अश्विनि वैष्णव, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

माइक्रोन के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और सीईओ संजय मेहरोत्रा ने कहा, “आज माइक्रोन और भारत के उभरते सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए यह गर्व का क्षण है।”मेहरोत्रा ने यह भी बताया कि, “यह देश की अपनी तरह की पहली असेम्बली और टेस्ट सुविधा है, जो ग्लोबल AI इकोनोमी को आगे बढ़ाने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगी। हम भारत सरकार, गुजरात सरकार तथा हमारे सभी पार्टर्नस के प्रति अनुग्रहित है कि जिनके पूर्ण सहयोग से इस सफलता को प्राप्त किया जा सका.”

यह साणंद इकाई ISO 9001:2015 सर्टिफाइड है और इसने व्यावसायिक उत्पादन शुरू भी कर दिया है। उद्घाटन के अवसर पर माइक्रॉन ने भारत में निर्मित अपने पहले मेमोरी मॉड्यूल की खेप डेल टेक्नोलोजिस को सौंपी, जिसका भारत में भारत के लिए बनाए जा रहे लैपटॉप में उपयोग किया जायेगा। माइक्रोन को उम्मीद है कि वर्ष 2026 में साणंद इकाई में करोड़ों चिप्स का असेम्बली और टेस्ट किया जाएगा, जो 2027 में बढ़कर सैकड़ों करोड़ तक पहुंच जाएगा। भारत में इस सुविधा का विस्तार माइक्रोन की युनाइटेड स्टेट्स स्थित एडवान्स्ड मेन्युफेक्चरिंग तथा पेकेजिंग क्षमताओं का पूरक बनने के साथ कंपनी के ग्लोबल एसेम्बली तथा टेस्ट नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाता है। 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “साणंद में माइक्रोन की सेमीकंडक्टर सुविधा की शुरुआत भारत के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन की ऐतिहासिक शुरुआत है। यह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एक निर्णायक कदम है जिससे विश्वसनीय, सतत व आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण होगा।  भारत अब केवल चिप्स का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर मेन्युफेक्चरिंग और इनोवेशन का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”

माइक्रोन भारत में नेक्स्ट जनरेशन सेमीकंडक्टर टेलेन्ट तैयार करने पर भी कार्य कर रहा है। पंडित दीनदयाल एनर्जी युनिवर्सिटी (PDEU), नेमटेक तथा  देशभर के विश्वविद्यालयों और सरकारी कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ साझेदारी के माध्यम से माइक्रोन पूरे क्षेत्र में STEM शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और एडवान्स्ड मेन्युफेक्चरिंग तथा कोम्युनिटी इनशियेटिव्स हेतु वर्कफोर्स  तैयार किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल तथा AI साक्षरता का भी समावेश किया गया है।

यह सुविधा माइक्रॉन के सस्टेनेबल लक्ष्यों, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों और स्थानीय तथा वैश्विक पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप निर्मित करने के साथ चलाई भी जा रही है। इस साइट को लीडरशिप इन एनर्जी एन्ड एन्वायरोमेन्टल डिज़ाइन(LEED) गोल्ड मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है तथा इसमें एडवान्स जल संरक्षण तकनीकों के माध्यम से ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्जप्रणाली लागू की गई है।

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