टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और कैमडिर टोयोटा ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ मिलकर युवाओं को ऑटोमोटिव कौशल में सशक्त बनाने के लिए सरकारी आईटीआई, रोइंग में 68वें टोयोटा तकनीकी शिक्षा कार्यक्रम (टी-टीईपी) और स्टार छात्रवृत्ति कार्यक्रम की स्थापना की

News Service

माननीय मंत्री न्यातो दुकाम ने टी-टीईपी का उद्घाटन किया: छात्रों से सुविधा का पूरा उपयोग करने की अपील की

रोइंग, 24 अप्रैल 2025: देश के ‘कौशल भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने कौशल विकास और उद्यमिता विभाग के सहयोग से अपना 68वां टोयोटा तकनीकी शिक्षा कार्यक्रम (टी-टीईपी) और “तकनीकी शिक्षा व मान्यता के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम” [स्टार] पहल की शुरुआत की। यह शुरुआत टी-टीईपी के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), रोइंग, अरुणाचल प्रदेश में की गई है।
माननीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री न्यातो दुकम ने आज अत्याधुनिक ऑटोमोटिव प्रशिक्षण सुविधा का उद्घाटन करके और छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करके टी-टीईपी की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य छात्रों, विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को ऑटोमोटिव क्षेत्र में नौकरी के लिए तैयार करने वाले तकनीकी कौशल से युक्त करना है। इस अवसर पर कौशल विकास आयुक्त श्री सौगत बिस्वास; श्रीमती सौम्या सौरभ – उपायुक्त, लोअर दिबांग घाटी, श्री सिबो पासिंग – निदेशक, एसडीई, श्री रिंगू न्गुपोक, रोइंग के पुलिस अधीक्षक, रोइंग के सरकारी आईटीआई के प्रिंसिपल श्री आरसी दत्ता, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री विक्रम गुलाटी उपस्थित थे।

टी-टीईपी एक व्यापक, साल भर चलने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो अंतिम वर्ष के आईटीआई और डिप्लोमा छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसमें टोयोटा डीलरशिप पर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) के साथ गहन कक्षा शिक्षण को जोड़ा गया है। यह दोहरा दृष्टिकोण छात्रों को ऑटोमोटिव सेवा प्रौद्योगिकियों में नवीनतम सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक प्रदर्शन दोनों प्रदान करता है। आईटीआई रोइंग में, कार्यक्रम सामान्य तकनीशियन श्रेणी पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो विशेष रूप से मेकैनिक मोटर वाहन (एमएमवी) और डीजल मैकेनिक ट्रेड्स के छात्रों के लिए है।

इस पहल का पूरक टी-टीईपी के तहत स्टार छात्रवृत्ति कार्यक्रम है। टीकेएम ने आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले मेधावी छात्रों की सहायता के लिए इसकी शुरुआत की है ताकि वे तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकें। योग्य और पात्र छात्र इसके तहत प्रति वर्ष ₹51,000 तक की छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकते हैं, इसमें छात्रावास शुल्क, शैक्षिक व्यय और परिवार का समर्थन शामिल है। इससे उन्हें वित्तीय बोझ के बिना अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

1971 में स्थापित, सरकारी आईटीआई रोइंग अरुणाचल प्रदेश का सबसे पुराना तकनीकी संस्थान है जो कौशल विकास और उद्यमिता विभाग के तहत संचालित होता है। टीकेएम के साथ साझेदारी इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक प्रशिक्षण का केंद्र बनने की दिशा में इसकी यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है।

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