राष्ट्रीय, साल-दर-साल बढ़ते तापमान के कारण अब ठंडा रहना सिर्फ आराम की बात नहीं रह गई है, बल्कि भारत के लाखों परिवारों के लिए यह एक रोजमर्रा की चुनौती बन गई है। इसी पृष्ठभूमि में, भारत की दूसरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स में अग्रणी, बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड ने बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए एक ज्यादा बेहतर और प्रभावी समाधान देते हुए अपनी ‘होम कूलिंग पेंट्स रेंज’ पेश की है। इसके साथ ही कंपनी ने देशभर में ‘गर्मी गॉन, ठंडक ऑन’ कैंपेन भी शुरू किया है, जो जीवन जीने के ज्यादा स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल तरीकों को बढ़ावा देता है।

यह समझते हुए कि घरों में गर्मी का एक बड़ा हिस्सा दीवारों, छतों और बाहरी ढांचों के जरिए अंदर आता है, बर्जर पेंट्स की होम कूलिंग रेंज बर्जर एंटी डस्ट कूल और बर्जर रूफ कूल एंड सील जैसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के जरिए इसका व्यावहारिक समाधान देती है। इन्हें दीवारों और छतों द्वारा सोखी जाने वाली गर्मी को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस रेंज में बर्जर टैंक कूल भी शामिल है, जो अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले गर्मी के स्रोत यानी काले सिंथेटिक पानी के टैंकों की समस्या को हल करता है, जो गर्मियों में बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं। कुल मिलाकर, यह रेंज गर्मी को उसके स्रोत पर ही रोककर घर के अंदर का तापमान कम करने का एक संपूर्ण समाधान प्रदान करती है।
इस कैंपेन के केंद्र में एक सरल लेकिन प्रभावशाली विचार है— स्मार्ट कूलिंग का मतलब सिर्फ एयर कंडीशनिंग नहीं होना चाहिए। गर्मी को उसके शुरुआती बिंदु पर ही रोककर, बर्जर पेंट्स अपने समाधानों को न केवल प्रभावी और किफायती बता रहा है, बल्कि इन्हें भारी बिजली खपत वाले कूलिंग तरीकों के एक बेहतर विकल्प के रूप में भी पेश कर रहा है। ये समाधान सतह और आसपास के तापमान को 10°C तक कम करने में मदद कर सकते हैं, जो गर्मी से प्रभावित क्षेत्रों और बजट का ध्यान रखने वाले परिवारों के लिए बेहद काम के हैं।
अपनी इसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, बर्जर पेंट्स स्माइल फाउंडेशन के साथ साझेदारी कर इन कूलिंग समाधानों को उन समुदायों तक भी पहुँचा रहा है, जहाँ इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस पहल के तहत, कंपनी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 30 सरकारी स्कूलों में स्कूल सौंदर्यीकरण कार्यक्रम चलाएगी।
स्कूल की इमारतों पर हीट-रिफ्लेक्टिव कोटिंग लगाकर, इस पहल का लक्ष्य स्कूल के अंदर का तापमान कम करना और छात्रों के लिए सीखने का एक आरामदायक और सुरक्षित माहौल तैयार करना है। यह खास तौर पर उन गर्मियों के महीनों में बहुत जरूरी है जब भीषण गर्मी बच्चों की उपस्थिति, एकाग्रता और उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।